शराब माफिया के खिलाफ ‘नारी शक्ति’ का शंखनाद

शराब माफिया के खिलाफ ‘नारी शक्ति’ का शंखनाद: लाठियां लेकर सड़कों पर उतरीं महिलाएं, बंद हुए अवैध अड्डों के शटर

  • आबकारी विभाग की चुप्पी से गुस्साया गांव
  • रामबाग में महिलाओं ने खुद संभाली कमान
  • घर-घर बिक रही शराब पर डंडे से दी चेतावनी

आबकारी विभाग की सुस्ती के बाद रणचंडी बनीं महिलाएं; अवैध शराब ठिकानों पर दी दबिश, पुलिस ने दिया आश्वासन

मंडला महावीर न्यूज 29.  मंडला जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में लाइसेंस की आड़ में फल-फूल रहे शराब के अवैध कारोबार के खिलाफ अब ग्रामीण महिलाओं ने मोर्चा खोल दिया है। महाराजपुर थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत रामबाग सकवाह में रविवार की शाम उस वक्त हड़कंप मच गया, जब करीब आधा सैकड़ा महिलाएं हाथों में लाठियां लेकर शराब के ठिकानों को बंद कराने निकल पड़ीं।

नारी शक्ति को देख बंद हुए शटर

शाम के समय जब महिलाओं का यह जत्था पुरवा पुल के आसपास पहुँचा, तो वहाँ संचालित ढाबों और दुकानों के शटर आनन-फानन में गिर गए। महिलाओं ने एक ऐसे घर के सामने भी जमकर आक्रोश दिखाया, जिसे शराब विक्रय का अड्डा बना लिया गया था। स्थिति को देखते हुए वहां मौजूद महिला ने घर में ताला लगा लिया। महिलाओं का आरोप है कि क्षेत्र में अब फोन पर शराब की होम डिलीवरी हो रही है, जिससे घरों की आर्थिक और सामाजिक स्थिति बदहाल हो रही है।

प्रशासन की अनदेखी से उपजा आक्रोश

बता दें कि ग्राम पंचायत रामबाग ने 15 दिन पहले ही शराबबंदी को लेकर प्रस्ताव पारित किया था। इसकी लिखित शिकायत आबकारी विभाग को भी दी गई थी, लेकिन विभाग द्वारा कोई कार्रवाई न किए जाने से महिलाओं का सब्र टूट गया। महिलाओं का कहना है कि जब विभाग कार्रवाई नहीं कर रहा, तो उन्हें खुद सड़कों पर उतरना पड़ा।

मौके पर पहुँचा पुलिस और आबकारी अमला

माहौल बिगड़ने की सूचना मिलते ही महाराजपुर थाना पुलिस और आबकारी विभाग की टीम मौके पर पहुँची। अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रही महिलाओं को शांत कराया और क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री पर सख्त कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया। हालांकि, महिलाओं ने साफ कर दिया है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई, तो उनका यह अभियान और उग्र रूप लेगा।

जिले भर में हर गली-मोहल्ले में फैल चुके इस अवैध कारोबार ने अब जन-आंदोलन का रूप लेना शुरू कर दिया है, जो प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती है।



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