सुरक्षा का नया माइक्रो प्लान
- मंडला पुलिस ने माइक्रोबीट सिस्टम से 300 से अधिक नागरिकों को बनाया जागरूक
- मनेरी और टिकरिया के गांवों में चौपाल लगाकर सिखाए यातायात नियम और साइबर सुरक्षा के गुर
- गांव-गांव पहुंचे माइक्रोबीट अधिकारी
- नशा मुक्ति, हेलमेट और साइबर फॉड के विरुद्ध चलाया जनसंवाद अभियान
मंडला महावीर न्यूज 29. पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार मंडला जिले में सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से लागू की गई माइक्रोबीट सिस्टम के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। पुलिस अधीक्षक मंडला के मार्गदर्शन में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक जन-जागरूकता अभियान संचालित किया गया, जिसके माध्यम से 300 से अधिक ग्रामीणों को सीधे पुलिस संवाद से जोड़ा गया।
चौकी मनेरी के अंतर्गत माइक्रोबीट अधिकारियों ने अलग-अलग बीट ग्रामों में मोर्चा संभाला। आरक्षक मुकेश शांडिल्य, आनंद कोरी और महिला आरक्षक प्रियंका मिश्रा ने मनेरी बाजार में 110 व्यक्ति, ग्राम गडरा में 100, भवेरा में 50 और ताकवेली में 40 ग्रामीणों को एकत्रित किया। संवाद के दौरान ग्रामीणों को हेलमेट की अनिवार्यता, नशे के दुष्प्रभाव और साइबर ठगी से बचने के उपाय बताए गए। साथ ही, सामाजिक सतर्कता बढ़ाते हुए अवैध गतिविधियों (जुआ, सट्टा, शराब) की सूचना तत्काल पुलिस को देने हेतु प्रेरित किया गया।
टिकरिया में चौपाल लगाकर किया जागरूकता
थाना टिकरिया के ग्राम कुड़ामैली में माइक्रोबीट प्रभारी आरक्षक रामरतन मस्करे ने चौपाल लगाकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। उन्होंने वाहन चलाने के दौरान लाइसेंस, बीमा और अन्य दस्तावेज पूर्ण रखने की समझाइश दी। विशेष रूप से बाहरी संदिग्ध व्यक्तियों और किराएदारों की सूचना थाने में दर्ज कराने की आवश्यकता पर जोर दिया गया, ताकि आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सके।
अपराधियों पर सतत निगरानी
इस अभियान का एक मुख्य उद्देश्य बीट स्तर पर आदतन अपराधियों और निगरानीशुदा बदमाशों की गतिविधियों को बीट बुक में दर्ज करना भी है। माइक्रोबीट प्रणाली के सक्रिय होने से अब छोटी-छोटी सूचनाएं भी सीधे पुलिस रिकॉर्ड का हिस्सा बन रही हैं, जिससे जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है।










