विपदा दूर करने मंडला के त्रिवेणी संगम पहुंचा पूरा गांव

आस्था का अनूठा संगम

विपदा दूर करने मंडला के त्रिवेणी संगम पहुंचा पूरा गांव

  • 8 बसों में सवार होकर आए करीब 700 ग्रामीण
  • त्रिवेणी संगम महाराजपुर में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
  • बालाघाट के ग्राम घिरी के हर घर से पहुंचे श्रद्धालु, मां नर्मदा से लगाई सुख-शांति की गुहार

मंडला महावीर न्यूज 29. मंडला जिले के उपनगर महाराजपुर का त्रिवेणी संगम इन दिनों माघ माह के पुण्य अवसर पर श्रद्धा और भक्ति का केंद्र बना हुआ है। प्रयागराज की तर्ज पर प्रसिद्ध इस संगम स्थल पर मां नर्मदा, बंजर और गुप्त रूप से प्रवाहित सरस्वती नदी का मिलन होता है। इसी पावन तट पर हाल ही में एक अद्भुत दृश्य देखने को मिला, जब पड़ोसी जिले बालाघाट के एक पूरे गांव ने एक साथ मां नर्मदा की शरण में दस्तक दी।

विपदा हरने मां की शरण में पहुंचा ग्राम घिरी 

बताया गया कि आमतौर पर धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की व्यक्तिगत भीड़ देखी जाती है, लेकिन महाराजपुर त्रिवेणी संगम पर दृश्य तब बदल गया जब बालाघाट जिले के गढ़ी ब्लॉक के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत घिरी का लगभग पूरा गांव एक साथ पहुंचा। करीब 700 ग्रामीणों का जत्था 8 यात्री बसों में सवार होकर संगम तट पर उतरा। ग्रामीणों के एक साथ पहुंचने से संगम का नजारा किसी बड़े धार्मिक मेले या विशेष पर्व जैसा प्रतीत होने लगा।

गांव की समस्याओं के निदान के लिए सामूहिक अनुष्ठान 

ग्राम घिरी से आए ग्रामीण मंगल सिंह मरावी और कमल सिंह उईके ने बताया कि पिछले काफी समय से उनके गांव के लगभग हर परिवार में कोई न कोई समस्या या परेशानी चल रही थी। स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से लेकर पारिवारिक और आर्थिक तंगहाली तक ग्रामीण किसी न किसी अदृश्य विपदा से जूझ रहे थे। ग्राम के पंडा ने जब सभी ग्रामीणों से चर्चा की, तो सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि गांव पर आई इस सामूहिक विपदा के निवारण के लिए आदि जननी मां नर्मदा की शरण में जाना ही एकमात्र मार्ग है।

नाव पर सवार होकर बीच धार में किया पूजन 

ग्राम पंडा के मार्गदर्शन में एकजुट होकर पूरा गांव महाराजपुर त्रिवेणी संगम पहुंचा। माघ मास के पावन अवसर पर ग्रामीणों ने त्रिवेणी संगम के पवित्र जल में स्नान किया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने नावों के सहारे नदी की बीच धार में जाकर मां नर्मदा का विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया। ग्रामीणों का अटूट विश्वास है कि मां नर्मदा के दर्शन और त्रिवेणी संगम पर किए गए इस सामूहिक पूजन से उनके गांव की परेशानियां दूर होंगी और क्षेत्र में खुशहाली आएगी।

त्रिवेणी संगम का विशेष महत्व 

जिले के उपनगर महाराजपुर का यह त्रिवेणी संगम धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यहाँ वर्ष भर मुंडन संस्कार, अस्थि विसर्जन, पूजन-पाठ और पुराण कथाओं जैसे धार्मिक आयोजनों के लिए भक्तों का तांता लगा रहता है। विशेषकर माघ माह में नर्मदा स्नान का विशेष फल माना जाता है, यही कारण है कि दूर-दराज के क्षेत्रों से लोग यहाँ अपनी मनोकामनाएं लेकर पहुँच रहे हैं।



 

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