शुद्ध पेयजल में कोई लापरवाही नहीं चलेगी- कलेक्टर श्री मिश्रा
- जल प्रदाय शाखा प्रभारी जल शोधन संयंत्र परिसर में ही रहें – कलेक्टर
मंडला महावीर न्यूज 29. नगरवासियों को शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कलेक्टर सोमेश मिश्रा शनिवार को नगर पालिका परिषद के पड़ाव स्थित जल शोधन संयंत्र परिसर पहुंचे। उन्होंने संयंत्र के विभिन्न प्रभागों का बारीकी से निरीक्षण किया और संयंत्र प्रभारी से वेल, क्लोरिनेशन टैंक, फिल्टर प्लांट, पम्प हाऊस की स्थिति की विस्तृत जानकारी ली।
कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी को निर्देशित किया कि परिसर के पिछले हिस्से की बाउंड्रीवॉल पर बार्बेट वायर लगवाएं। परिसर में बने आवास के संबंध जानकारी लेते हुए कलेक्टर ने कहा कि शुद्ध पेयजल में कोई लापरवाही नहीं चलेगी, जल प्रदाय शाखा प्रभारी को संयंत्र परिसर में ही रहना है। यहाँ का आवास जल प्रदाय प्रभारी को ही आवंटित करना सुनिश्चित करें।
वेल के चारों ओर साफ सफाई करवाएं। परियोजना अधिकारी शहरी विकास अभिकरण से कलेक्टर ने कहा कि संयंत्र के तीनों प्रभागों के पानी के नमूने इक_ा करके प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजें। इस दौरान एसडीएम मण्डला श्रीमती सोनल सिडाम, परियोजना अधिकारी शहरी विकास अभिकरण सचिन जैन, मुख्य नगर पालिका अधिकारी गजानन नाफड़े सहित संबंधित मौजूद रहे।
शहरी जलापूर्ति में लापरवाही बर्दाश्त नहीं – कलेक्टर
पाइपलाइन रिसाव, जल गुणवत्ता और शिकायत निवारण पर दिए सख्त निर्देश
मंडला महावीर न्यूज 29. इंदौर में हुई घटना को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने शनिवार को शहरी क्षेत्र की जलापूर्ति व्यवस्था को लेकर परियोजना अधिकारी शहरी विकास अभिकरण सचिन जैन, समस्त सीएमओ और सब इंजीनियर की वीसी के माध्यम से समीक्षा बैठक ली। बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नागरिकों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने जल वितरण नेटवर्क के नियमित निरीक्षण, पाइपलाइन रिसाव की समय पर पहचान और 48 घंटे के भीतर मरम्मत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 20 वर्ष से अधिक पुरानी पाइपलाइनों की पहचान कर उनकी प्राथमिकता से जांच की जाए। बैठक में उन्होंने जल शोधन संयंत्रों, उच्च स्तरीय टंकियों एवं प्रमुख जल स्त्रोतों से नियमित जल नमूना परीक्षण करने तथा मानकों के अनुरूप जल गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में जल नमूने मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाते हैं, तो तत्काल जलापूर्ति रोककर वैकल्पिक सुरक्षित व्यवस्था की जाए।
कलेक्टर ने क्लोरीनेशन प्रणाली की निगरानी, क्लोरीन की निर्धारित मात्रा बनाए रखने तथा वार्ड स्तर पर रेंडम सैंपलिंग के निर्देश भी दिए। उन्होंने जलापूर्ति से संबंधित शिकायतों को आपात श्रेणी में रखते हुए 24 से 48 घंटे के भीतर निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में दीर्घकालीन समाधान के तहत लीकेज डिटेक्शन, जीआईएस आधारित मैपिंग पर भी चर्चा की। कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने कहा कि सभी निर्देशों का कड़ाई से पालन कर शहरी क्षेत्र में निर्बाध एवं सुरक्षित जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए।









