धूमधाम से मनाया जाएगा 30 वां माँ नर्मदा जन्मोत्सव पर्व
किन्नर चांदनी दीदी देंगी भजन संध्या की प्रस्तुति
- नर्मदा जयंती पर होंगे विविध आयोजन
- माँ नर्मदा जी का होगा अभिषेक, होगी अखंड रामधुन
- मातृ-पितृ गुरू पूजन और कन्या भोज के साथ होगा समापन
- 23 जनवरी को होगा विशाल सुहागले पूजन

मंडला महावीर न्यूज 29. नर्मदा जयंती भारत में हिन्दुओं द्वारा मनाया जाने वाला एक त्यौहार है। यह अमरकंटक में बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है, क्योंकि यह माँ नर्मदा का जन्म स्थान है। इसके अलावा यह पूरे मप्र में बड़े ही हर्ष उल्लास के साथ मनाया जाता है। हिन्दू कैलेंडर के हिसाब से माघ माह की शुक्ल पक्ष की सप्तमी को माँ नर्मदा का जन्म हुआ था, इसलिए यह हर साल इस दिन माँ नर्मदा का जन्मोत्सव मनाया जाता है। भारत में सात धार्मिक नदियाँ हैं उन्हीं में से एक है माँ नर्मदा है। हिन्दू धर्म में इसका बहुत मह्त्व है। कहा जाता है कि भगवान शिव ने देवताओं को उनके पाप धोने के लिए माँ नर्मदा को उत्पन्न किया था और इसलिए इसके पवित्र जल में स्नान करने से सारे पाप धुल जाते है। नर्मदा महोत्सव को हिंदुओं द्वारा पर्व के रुप में मनाया जाता है। इस वर्ष नर्मदा जयंती 25 जनवरी को मनाई जाएगी।
मां नर्मदा अंचल के दक्षिण तट में ह्रदयशाह राजा की पावन नगरी ह्रदयनगर के ह्रदयस्थल पर स्थित ऊँ श्रीं माँ रूकमणि देवी सदाव्रत आश्रम सिद्धपीठ दरबार माँ नर्मदा मंदिर में 30 वां माँ नर्मदा जन्मोत्सव महापर्व आचार्य संतोष महाराज व पंडित मनीष उपाध्याय के सानिध्य में सार्वजनिक रूप से मनाया जाएगा। जन्मोत्सव पर्व में चार दिवसीय विविध धार्मिक आयोजन किए जाएंगे। इस आयोजन में पंडित मनीष उपाध्याय द्वारा सुहागले पूजन, एक कुण्डीय महायज्ञ, रामनाम आहूति माँ नर्मदा जी अभिषेक समूहिक प्रार्थना, मात्तपितृ, गुरु अभिषेक पूजन हवन वैदिक विधान धर्म शास्त्रानुसार आचार्य संतोष महाराज की उपास्थित में किया जाएगा।
विधिवत होंगे माँ नर्मदा जयंती के कार्यक्रम
आचार्य संतोष महाराज ने बताया कि जन्मोत्सव के अवसर पर दरबार में सुहागले पूजन, जप यज्ञ, रामधुन संर्कीतन, माँ नर्मदा अभिषेक, रामधुन समापन, कन्या भोज, मुण्डन संस्कार समेत विविध धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। 30 वां माँ नर्मदा जन्मोत्सव महापर्व का चार दिवसीय आयोजन 22 जनवरी से 25 जनवरी तक नर्मदा जयंती के अवसर पर विविध धार्मिक आयोजन किये जाएंगे। जिसमें 22 जनवरी को जप यज्ञ, 23 जनवरी को सुहागले पूजन दोपहर 12 से 4 बजे तक, इसके बाद अंखड रामधुन और कीर्तन शाम 8 बजे से अगले दिन तक। 24 व 25 जनवरी को अखंड रामधुन का समापन, पूर्णाहूति, कथा पूजन पाठ, संध्या आरती वंदना, माँ नर्मदा जी का अभिषेक, पूजन, हवन, कन्या भोज, मातृ पितृ, गुरू अभिषेक पूजन किया जाएगा। इसके बाद दोपहर 2 बजे से बच्चों के मुंडन संस्कार का कार्यक्रम अयोजित किया जाएगा। इसके साथ ही विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया है। 25 जनवरी को दोपहर 02 बजे से रात्रि 9 बजे तक विशाल भंडारा का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही शाम 4.30 बजे से रात्रि 9.30 बजे तक किन्नर चांदनी दीदी द्वारा भजन संध्या की प्रस्तुति दी जाएगी।
807 नि:संतान दंपतियों की हुई मनोकामना पूर्ण
बताया गया कि विगत वर्षो में ऊँ श्रीं माँ नर्मदा सिद्धपीठ दरबार में विगत वर्षो में 807 नि:संतान दंपतियों की मनोकामना पूर्ण हुई है। इस वर्ष 92 नि:संतान दम्पतियों की कामना पूर्ण हुई है। जिनका मुंडन संस्कार कार्यक्रम 25 जनवरी को किया जाएगा। आचार्य संतोष महाराज जी ने सभी भक्तों, श्रृद्धालुओं से नर्मदा जन्मोत्सव कार्यक्रम में उपस्थित होकर इन नवरत्नों को शुभाशीष देकर धर्म लाभ लेने की अपील की है।









