शक्ति और ब्रह्म का मिलन है शिव विवाह, राम कथा में स्वामी आत्मानंद गिरि ने दिया समरसता का संदेश
- निवास के शतचंडी मैदान में तीसरे दिन सुनाई नारद मोह की कथा
- अहंकार पर विजय सबसे कठिन
मंडला महावीर न्यूज 29. निवास नगर के शतचंडी मैदान में चल रही संगीतमय श्री राम कथा के तीसरे दिन गुरुवार को महामंडलेश्वर स्वामी श्री आत्मानंद गिरि महाराज ने सैकड़ों श्रद्धालुओं को शिव विवाह और नारद मोह की कथाओं के माध्यम से महत्वपूर्ण आध्यात्मिक संदेश दिए। कथा वाचन के पूर्व, ग्राम नेवसा बहेरा में खेर माई और हनुमान मंदिर होते हुए भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें सैकड़ों माताओं और बहनों ने कलश धारण किया।
आचार्य श्री मंगल मूर्ति शास्त्री ने बताया कि भगवान शंकर का विवाह शक्ति और ब्रह्म का मिलन है। उन्होंने संसार को समरसता (समानता) की शिक्षा दी, जब वे अपनी बारात में देव, पितर, भूत-प्रेत और संपूर्ण सृष्टि जगत को साथ लेकर गए। उन्होंने कहा कि पूजन के लिए केवल श्रद्धा और विश्वास अनिवार्य है, क्योंकि भवानी शंकरौ बंदे श्रद्धा विश्वास रूपणम।
कथा में आगे बताया कि नारद मोह की कथा समझाते हुए महाराज ने कहा कि किसी वस्तु को प्राप्त करना सरल है, लेकिन उस पर अहंकार न आना बहुत कठिन है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जहाँ राम हैं, वहाँ काम नहीं रह सकता, और चूँकि राम केवल शिव के हृदय में वास करते हैं, इसलिए काम विजेता केवल शिव हो सकते हैं। कथा में निवास नगर सहित आस-पास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण करने पहुँच रहे हैं।
रिपोर्टर- रोहित प्रशांत चौकसे









