- बाघ, हिरण व बायसन देखकर रोमांचित हुए छात्र
- मोगली के आयोजन में छात्रों ने लिया प्रकृति का आनंद
मंडला महावीर न्यूज 29. प्रकृति को जानने, पहचानने और करीब से देखने का अवसर राज्य मोगली बाल उत्सव कार्यक्रम के तहत छात्रों को मिलता है। मोगली बाल उत्सव कार्यक्रम में प्रत्येक जिले से चार छात्र एवं दो शिक्षक उपस्थित होकर सिवनी जिले के राष्ट्रीय उद्यान पेज में तीन दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें विद्यार्थियों को नेचर ट्रेल ट्रैकिंग, जंगल सफारी व अन्य कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रकृति के करीब में ले जाकर उन्हें अनुभव कराया जाता है। इस अवसर पर छात्रों को दीमक क्यों बनते हैं एवं प्रकृति के संतुलन में उनका क्या योगदान है। मकड़ी के जाले का क्या योगदान है। हमारे जीवन में वनस्पति का क्या योगदान है, इन सभी विषयों को वन विभाग के अधिकारियों द्वारा विद्यार्थियों को विस्तार से बताया गया।

नेचर ट्रेल ट्रैकिंग, जंगल सफारी के दौरान जंगल में उपस्थित वनों में पाए जाने वाले पेड़ पौधे और वनस्पतियों का ज्ञान भी दिया गया। इस अवसर पर छात्रों ने जंगल सफारी के समय बाघ, हिरण व बायसन जेकाल के दर्शन कर छात्र रोमांचित हुए। यह उत्सव स्कूल शिक्षा विभाग व वन विभाग जैव विविधता विभाग पर्यटन विभाग के साथ अन्य विभागों के संयुक्त प्रयासों से किया जाता है। कार्यक्रम के तहत रात्रि को सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके साथ ही प्रतियोगिता आयोजित की गई।
मंडला जिले के चार छात्र, दो शिक्षक इस मोगली बाल उत्सव में जिला शिक्षा अधिकारी एवं सहायक आयुक्त जनजाति विकास के माध्यम से इस अवसर का लाभ मिला। आयोजन में श्रीमती मुन्नी वरकडे जिला शिक्षा अधिकारी के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों को राष्ट्रीय उद्यान पेंच भेजा गया। इस अवसर पर मार्गदर्शक शिक्षक कृष्ण कुमार चौहान नैनपुर एवं अमृता पुसाम मवई, मोगली बाल मित्र दीक्षा चंदेला, राजाराम साहू, सौम्या साहू, चंद्रभान मानिकपुरी, छात्र शामिल रहे। छात्रों को अखिलेश उपाध्याय मास्टर ट्रेनर, विपिन लखेरा क्विज मास्टर, संजय सिगोर, राजेश छतरी पर्यावरण सदस्य, श्रीमती उइके ने विद्यार्थियों शुभकामनाएं एवं बधाई दी है।









